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आदर्श सांसद ग्राम खनवां में 20 प्रतिशत घरों में आज भी नहीं है शौचालय

सर्बेश कुमार गौतम
बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बिहार केसरी श्री कृष्ण सिंह की जन्म स्थली खनवां जिले के लिए राजनैतिक दृष्टिकोण से काफी महत्व रखता है। नवादा में राजनैतिक चाहत रखने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी बहाने खनवां जरूर आना चाहता है। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर बिहार संरकार के मंत्री ललन सिंह,जहानाबाद के सांसद डा अरूण कुमार,मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा आ चुके हैं। केन्द्रीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरिराज सिंह तो जब भी नवादा आते हैं खनवां आ ही जाते हैं। लेकिन गांव के लोग मानते हैं कि खनवां में आज जो विकास दिख रहा है उसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का योगदान है। गांव में पावर ग्रीड, पाॅलिटेकनिक काॅलेज, 30 बेड का हाॅस्पीटल, 12 वीं तक स्कूल अधिकांश गलियों में पीसीसी व नाली आदि सुविधाएं मौजूद है। गांव में लगभग 22 घंटे बिजली भी मिल रही है।
गांव के पुरूष गिरिराज के काम को ढकोसला बताते हैं। जबकि गांव की महिलाएं गिरिराज सिंह की तारीफ करती हैं। श्रीबाबू के गर्भ गृह निर्माण के लिए जमीन दान करने वाले देवेन्द्र प्रसाद शर्मा के पुत्र साकेत बिहारी कहते हैं कि जितने भी नेता खनवां आए श्री बाबू के गर्भगृह में दर्शन के लिए जरूर आए लेकिन गिरिराज सिंह सांसद बनने केे बाद एक बार भी गर्भ गृह के पास नही आए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवाह्न के बाद गिरिराज सिंह ने खनवां गांव का चयन आदर्श सांसद ग्राम के रूप में किया गया। ग्रामीण अशोक कुमार कहते हैं कि खनवां में सांसद की उपलब्धि गिनाने के नाम पर महज सोलर चरखा प्लांट है। वे मानते हैं कि कुटीर उद्योग से महिलाओं को रोजगार मिला। वे कहते हैं कि सोलर चरखा के अलावा गांव में जो कुछ भी है वो ललन सिंह के प्रयास से हुआ है, जब सीएम आए थे। प्रधानमंत्री को खत लिखने वाली साधना देवी बताती हैं कि सोलर चरखा से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। हालांकि साधना देवी के घर में भी शौचालय नहीं है।

ग्रामीण विनय सिंह कहते हैं कि यहां जो कुछ भी हो रहा है वह श्रीबाबू के नाम के कारण हो रहा है। विकास की बात करें तो सांसद के गोद लेने के पश्चात उपलब्धि में सिर्फ सोलर चरखा है। गांव के ही सरकारी स्कूल में नौवीं का छात्र अंकित कहता है कि स्कूल में सिर्फ 5 शिक्षक हैं जबकि कक्षा 12वीं तक है।
पंचायत के मुखिया और खनवां निवासी शंकर रजक कहते हैं कि मंत्री की सोच है गांव के सभी लोगों को रोजगार से जोड़ने की। महिलाओं को सोलर चरखा के माध्यम से तो पुरूषों को मषरूम उत्पादन आदि के माध्यम से स्वावलंबी बनाने की योजना है।
केन्द्रीय लधु सूक्ष्म और मध्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह कहते हैं कि उनका लक्ष्य लोगों को आत्म निर्भर बनाना है। लोग आत्म निर्भर होंगे तो गांव की हालत खुद सुधर जाएगी। सोलर चरखा से गांव में आर्थिक उन्नति हो रही है। खनवां देश के माॅडल गांव के रूप में विकसित हो गया है।