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अपनी आंसू छिपाने के लिए दूसरों की आंसू पोछने निकल गयी राजकुमारी

 अशोक प्रियदर्शी
         पटना जिले के कांव निवासी गोपाल शरण की इकलौती बेटी राजकुमारी की शादी नवादा जिले के न्यू एरिया निवासी अधिवक्ता अर्जुन प्रसाद सिंह के पुत्र रंजीत कुमार से हुई थी। लेकिन तीन साल पहले एक दुर्घटना में रंजीत की मौत हो गई। 43 वर्षीय राजकुमारी पर परिवार की जिम्मेवारी आ गई। राजकुमारी की दो बेटियों है। समाज और परिवार के लोगों ने घर में रहने को मजबूर कर रहे थे। लेकिन वह इस फैसले से इतर फैसला ली। वह अपनी आंसूओं को छिपाने के लिए दूसरों का आंसू पोछने निकल गई। वह घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न के शिकार लोगों का मददगार बनी हैं।
          फिलहाल, वह महिला कोषांग की प्रोजेक्ट मैनेजर हंै। औसतन हर रोज 10-12 मामले का निपटारा करती है। राजकुमारी कहती हैं कि संसार समुद्र है। तुफान की कमी नही। इसमें बहती है तो सिर्फ महिलाएं। शिक्षित और आत्मनिर्भर होकर ही महिलाएं ऐसी परिस्थितियों का सामना कर सकती है। दरअसल, राजकुमारी की शादी कम उम्र में हो गई थी। लेकिन वह ससुराल आने के बाद भी पढ़ाई की। 2011 में महिला दिवस पर बेटी पढकर क्या करेगी नाटक में मां की नकारात्मक भूमिका निभाकर लोगों को झकझोर दी थी। उसके बाद मिली शाबासी के कारण सामाजिक कार्यों में दिलचस्पी जगी थी। पति की मौत के बाद लोगों ने घर में रहने का दबाव बनाया। लेकिन वह उस दबाव में नही आई।

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