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किसान के घर में जन्मे प्रांजल ने राकृष्ण मिशन में पाई सफलता

सर्वेश गौतम
            होनहार विरवान के होत है चिकने पात। इस बात को साबित कर दिखया है गरीब किसान परिवार में जन्मे प्रांजल प्रियदर्शी ने। उसने रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में नामांकन के लिए हाने वाली जांच परीक्षा में सफल होकर अपने परिवार एवं जिले का नाम रोशन किया है। प्रांज की सफलता पर परिजनों एवं उसके मित्रों में खुशी की लहर है। नवादा के दुधैली गांव के रहने वाले रविशंकर कुमार के पुत्र प्रांजल प्रियदर्शी ने गरीबी अमीरी की बाधांओ को पार करते हुए यह सफलता हासिल किया है। उसकी सफलता अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है। प्राजंल की सफलता पर माता-पिता एवं चाचा सहित दादा रामाश्रय प्रसाद सिंह केाफी खुश हैं।
 – चाचा के साथ रहकर की पढ़ाई
       प्रांजल के क्षर की माली हालत ठीक ठाक नहीं थी। उसके पिता गांव में एक छोटे किसान हैं जबकि मां कांति देवी गृहणी। माता-पिता की आर्थिक स्थिति इस लायक नहीं थी कि अपने बच्चे को किसी अच्चे विद्यालय में नामांकन कराकर पढ़ाते या कोचिंग संस्थान में प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी कराते। लिहाजा प्रांजल की प्रतिभा को देखते हुए उसके चाचा राकेश रंजन अपने साथ पटना लेते गए। पटना में वह अपने चाचा के सानिध्य में रहकर पढ़ाई शुरू की। उसके चाचा राकेश रंजन बताते हैं कि प्रांजल बचपन से ही मेधावी था। उसकी मेधा आसपास के अन्य बच्चों से उम्र के लिहाज से ज्यादा थी,लेकिन जरूरी सुविधा एवं संसााधन नहीं रहने के कारण प्रतिभा कुंद हो रही थी। उसकी प्रतिभा एवं लगन को देखते हुए उसे पटना ले गए। प्रांजल ने पहले प्रयास में ही सफलता हासिल कर ली।

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